उत्तराखंड राज्य मे 2 खंड है: गढवाल व कुमाऊ। उत्तराखंड के गढवाल को कभी 52 गढ़ों का देश भी कहा जाता था। गढवाल शाब्दिक अर्थ है गढ़वाला। पहले यहां 52 गढ़ हुआ करते थे, इसलिए इसे बावन गढ़ों का देश “गढ़देश” (छोटे छोटे किलों का देश) कहा जाता था।
आपने उत्तराखंड के प्रख्यात लोकगायक और गीतकार नरेन्द्र सिंह नेगी का यह गीत ‘वीर भड़ूं कू देस बावन गढ़ कू देस…’ तो सुना ही होगा। उसमें भी यह वर्णन है कि गढ़वाल क्षेत्र को 52 गढ़ों का देश भी कहा जाता है।
माना जाता है कि नौवीं शताब्दी से करीब 250 वर्षों तक यह गढ़ अस्तित्व में थे। इन 52 गढ़ों के अलावा भी कुछ छोटे छोटे गढ़ थे जो सरदार या थोकदारों (तत्कालीन पदवी) के अधीन थे।
चीनी यात्री ह्वेनसांग ने इनमें से कुछ का जिक्र किया था। ह्वेनसांग छठी शताब्दी में भारत में आया था।
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15वीं सदी तक इन गढ़ों के राजा परास्त होकर पवांर वंश के अधीन हो गये।पंवार वंश के राजा अजयपाल सिंह ने इसके बाद गढ़वाल परिक्षेत्र का सीमांकन किया।
इन राजाओं के बीच आपस में लड़ाई में चलती रहती थी। माना जाता है कि नौवीं शताब्दी लगभग 250 वर्षों तक इन गढ़ों की स्थिति बनी रही लेकिन बाद में इनके बीच आपसी लड़ाई का पवांर वंश के राजाओं ने लाभ उठाया और गढ़वाल में आज भी इन गढ़ों का शान से जिक्र होता और संबंधित क्षेत्र के लोगों को उस गढ़ से जोड़ा जाता है।
गढ़वाल के 52 गढ़ों का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:
1. नागपुर गढ़:
- स्थान – नागपुर
- सम्बंधित जाती – नाग जाती
2. कोल्लिगढ़:
- स्थान – बछणस्यूं
- सम्बंधित जाती – बछवाड़ बिष्ट
3. रावडगढ़:
- स्थान – बद्रीनाथ के निकट
- सम्बंधित जाती – रवाडी
4. फल्याण गढ़:
- स्थान – फल्दाकोट
- सम्बंधित जाती – फल्याण जाती के ब्राह्मण
5. बांगर गढ़:
- स्थान – बांगर
- सम्बंधित जाती – राणा
6. कुइली गढ़:
- स्थान – कुइली
- सम्बंधित जाती – सजवाण जाती
7. भरपूर गढ़:
- स्थान – भरपूर
- सम्बंधित जाती – सजवाण जाती
8. कुजणी गढ़:
- स्थान – कुजणी
- सम्बंधित जाती – सजवाण जाती
9. सिल गढ़:
- स्थान – सिल गढ़
- सम्बंधित जाती – सजवाण जाती
10. मुंगरा गढ़:
- स्थान – रंवाई
- सम्बंधित जाती – रावत जाती
11. रैका गढ़:
- स्थान – रैका
- सम्बंधित जाती – रमोला जाती
12. मौल्या गढ़:
- स्थान – रमोली
- सम्बंधित जाती – रमोला जाती
13. उप्पू गढ़:
- स्थान – उदयपुर
- सम्बंधित जाती – चौहान
14. नाला गढ़:
- स्थान – देहरादून
15. सांकरी गढ़:
- स्थान – रंवाई
- सम्बंधित जाती – राणा
16. रामी गढ़:
- स्थान – शिमला
- सम्बंधित जाती – राणा
17. बिराल्टा गढ़:
- स्थान – जौनपुर
- सम्बंधित जाती – रावत
18. चांदपुर गढ़:
- स्थान – तैली चांदपुर
- सम्बंधित जाती – सूर्यवंशी रजा भानु प्रताप का
19. चौंडा गढ़:
- स्थान – शीली चांदपुर
- सम्बंधित जाती – चौन्दाल
20. तोप गढ़:
- स्थान – चांदपुर
- सम्बंधित जाती – तोपाल जाती
21. राणी गढ़:
- स्थान – राणी गढ़ पट्टी
- सम्बंधित जाती – खासी जाति
22. श्रीगुरु गढ़:
- स्थान – सलाण
- सम्बंधित जाती – परिहार
23. बधाण गढ़:
- स्थान – बधाण
- सम्बंधित जाती – बधाणी जाती
24. लोहबाग गढ़:
- स्थान – लोहबा
- सम्बंधित जाती – नेगी
25. दशोली गढ़:
- स्थान – दशोली
26. कुंडारा गढ़:
- स्थान – नागपुर
- सम्बंधित जाती – कंडारी जाति
कंडारी जाति का यह गढ़ इस समय के नागपुर परगने में था इस गढ़ का अंतिम राजा नरवीर सिंह था। वह पंवार राजा से पराजित हो गया था और हार के गम में मंदाकिनी नदी में डूब गया था।
27. धौना गढ़:
- स्थान – इडवालस्यू पट्टी
- सम्बंधित जाती – धौन्याल
28. रतन गढ़:
- स्थान – कुजणी
- सम्बंधित जाती –धमादा जाती
29. एरासू गढ़:
- स्थान – श्रीनगर के पास
30. इडिया गढ़:
- स्थान – रंवाई बडकोट
- सम्बंधित जाती –इडिया जाती
31. लंगूर गढ़:
- स्थान – लंगूर पट्टी
32. बाग गढ़:
- स्थान – गंगा सलाणा
- सम्बंधित जाती – बागूड़ी जाती
33. गढ़कोट गढ़:
- स्थान – मल्ला ढांगू
- सम्बंधित जाती – बगडवाल
34. गड़ताग गढ़:
- स्थान – टकनौर
- सम्बंधित जाती – भोटिया जाती
35. बनगढ़ गढ़:
- स्थान – बनगढ़
36. भरदार गढ़:
- स्थान – भरदार
37. चौन्दकोट गढ़:
- स्थान – चौन्दकोट
- सम्बंधित जाती – चौन्दकोट जाती
38. नयाल गढ़:
- स्थान – कटूलस्यूं
- सम्बंधित जाती – नयाल
39. अजमीर गढ़:
- स्थान – अजमेर पट्टी
- सम्बंधित जाती – पयाल जाती
40. कांडा गढ़:
- स्थान – रावतस्यूं
- सम्बंधित जाती – रावत जाति
41. सावली गढ़:
- स्थान – सावली खाटली
42. बदलपुर गढ़:
- स्थान – बदलपुर
43. संगेला गढ़:
- स्थान – नैल चामी
- सम्बंधित जाती – बिष्ट जाति
44. गुजडू गढ़:
- स्थान – गुजडू
45. जौट गढ़:
- स्थान – जौनपुर
46. देवल गढ़:
- स्थान – देवलगढ़
47. लोद गढ़:
- स्थान – देवलगढ़
- सम्बंधित जाती – लोदीजाति
48. जौंलपुर गढ़
49. चंपा गढ़
50. डोडराक्वांरा गढ़
- सम्बंधित जाती – राणा जाति

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